उसे जाने दो उसकी मंज़िल की ओर …

  ना जाने क्यों वो नाव रुक गई है ! उसे तो जाना था उसकी मंज़िल की ओर, खुले आसमान के निचे से, बहते पानी के साथ बहते बहते | फिर क्यों रुक गई ! क्या है वो जो उसे रोक के रखा है ! क्यों इतना बहाव होने के बाद भी आगे नहीं बढ़ … Continue reading उसे जाने दो उसकी मंज़िल की ओर …

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